आपातकालीन 9091790917
Chat with us on WhatsApp
डॉ. अभिनव शेखर

डॉ. अभिनव शेखर

सहयोगी सलाहकार - शल्य चिकित्सा ऑन्कोलॉजी

MBBS, MS (सामान्य शल्य चिकित्सा), DNB (सर्जिकल ऑन्कोलॉजी)

पारस एचईसी रांची

डॉ. अभिनव शेखर के बारे में

डॉ. अभिनव शेखर एक अत्यधिक कुशल और अनुभवी सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट हैं, जो नवीनतम शल्य चिकित्सा तकनीकों का उपयोग करके व्यापक कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए समर्पित हैं। वे ओपन और न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रियाओं दोनों में दक्ष हैं, जिनमें रोबोटिक सर्जरी, लैप्रोस्कोपी और वीडियो-असिस्टेड थोरैकोस्कोपिक सर्जरी (VATS) शामिल हैं, जो उनके रोगियों के लिए सटीकता और तेज़ रिकवरी सुनिश्चित करती हैं। उन्होंने गुरुग्राम के प्रतिष्ठित आर्टेमिस हॉस्पिटल्स में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त किया, जहाँ उन्होंने एक बहुविषयक टीम के हिस्से के रूप में जटिल कैंसर मामलों के प्रबंधन में व्यापक अनुभव प्राप्त किया।

 

विशेषज्ञता का क्षेत्र

  • स्तन कैंसर
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) कैंसर
  • हेपेटोपैनक्रिएटोबिलियरी (HPB) ट्यूमर
  • फेफड़े और थोरेसिक कैंसर
  • स्त्री रोग संबंधी कैंसर
  • सॉफ्ट टिशू सारकोमा और हड्डी के ट्यूमर
  • मूत्रजननांगी कैंसर

समय चुनें

पसंदीदा स्लॉट उपलब्ध नहीं है? यहाँ क्लिक करें तुरंत कॉल बैक प्राप्त करें!

दोपहर के स्लॉट

वेल्नेस ब्लॉग

हर साल भारत में लाखों लोग कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की चपेट में आते हैं। बदलती जीवनशैली, खानपान की गड़बड़ी, तनाव और पर्यावरणीय कारण इसकी बड़ी वजह हैं। लेकिन राहत की बात ये है कि 30% से 50% कैंसर के मामले को सही जीवनशैली के जरिए रोका जा सकता है।
और पढ़ें
थकान, कमजोरी और बार-बार खून की कमी होना अक्सर लोग सामान्य एनीमिया समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन हर बार इसकी वजह आयरन की कमी नहीं होती। कई बार यह एक गंभीर आनुवंशिक रक्त विकार यानी थैलेसीमिया का संकेत भी हो सकता है।
और पढ़ें
महिलाओं में स्तन कैंसर (Breast Cancer in Women) आज दुनिया भर में सबसे आम कैंसर में से एक है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि अगर स्तन कैंसर का शुरुआती चरण में पता चल जाए तो इसका इलाज सफलतापूर्वक किया जा सकता है।
और पढ़ें
भारत में हर साल लगभग 1 लाख से अधिक लोग मुंह के कैंसर (Oral Cancer) से पीड़ित पाए जाते हैं। यह कैंसर भारत में सबसे आम कैंसरों में से एक है, खासकर उन लोगों में जो तंबाकू, गुटखा, खैनी, पान मसाला या शराब का सेवन करते हैं।
और पढ़ें
अक्सर पुरुष अपने स्वास्थ्य को लेकर उतने सजग नहीं रहते जितना रहना चाहिए। छोटे-मोटे लक्षणों को वे सामान्य मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेशाब करने में थोड़ी-सी कठिनाई या बार-बार पेशाब आने जैसे संकेत भी प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षण (Prostate Cancer Ke Shuruwati Lakshan) हो सकते हैं?
और पढ़ें
कैंसर आज के समय की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक बन चुका है। हर साल लाखों लोग कैंसर से प्रभावित होते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुरुषों और महिलाओं में कुछ कैंसर अलग-अलग होते हैं? इसके लक्षण, जाँच के तरीके और जोखिम भी अलग हो सकते हैं।
और पढ़ें
सभी ब्लॉग देखें
कॉल बैक का अनुरोध करें
कॉल बैक का अनुरोध करें
जो आप ढूंढ रहे थे वह नहीं मिला?

हमारे स्वास्थ्य सलाहकार से कॉल बैक प्राप्त करें