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डॉ. प्रज्ञा शर्मा + INTERNAL MEDICINE + रांची

डॉ. प्रज्ञा शर्मा

सलाहकार - आंतरिक चिकित्सा

MBBS – PMCH, धनबाद | MD – आंतरिक चिकित्सा – RIMS, रांची

पारस एचईसी रांची

डॉ. प्रज्ञा शर्मा के बारे में

आंतरिक चिकित्सा में 5 से अधिक वर्षों के अनुभव के साथ, डॉ. प्रज्ञा शर्मा ने बत्रा हॉस्पिटल फरीदाबाद, अपोलो हॉस्पिटल नई दिल्ली और रिम्स रांची जैसे प्रमुख संस्थानों में कार्य किया है। वे जटिल चिकित्सा स्थितियों और जीवनशैली संबंधी बीमारियों के प्रबंधन में विशेषज्ञता रखती हैं।

 

विशेषज्ञता के क्षेत्र:

  • उच्च रक्तचाप, मधुमेह & अंतःस्रावी विकार
  • संयोजी ऊतक रोग
  • संक्रामक रोग
  • दीर्घकालिक थकान, फाइब्रोमायल्जिया & संबंधित विकार

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वेल्नेस ब्लॉग

गर्मी आते ही शरीर सबसे पहले जिस चीज की मांग करता है, वह है ठंडक और सही हाइड्रेशन। ऐसे में अक्सर लोग दो देसी और प्राकृतिक विकल्पों के बीच उलझ जाते हैं—नारियल पानी और लस्सी। दोनों ही लोकप्रिय हैं, दोनों ही सेहतमंद माने जाते हैं, लेकिन सवाल वही है—गर्मियों में कौन ज्यादा फायदेमंद है?
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आजकल लोग अपनी ऊर्जा बढ़ाने और फिट रहने के लिए तरह-तरह के एनर्जी ड्रिंक्स, प्रोटीन शेक्स और सप्लीमेंट्स का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में सदियों से एक ऐसा पारंपरिक पेय मौजूद है जो प्राकृतिक रूप से ऊर्जा देने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है? हम बात कर रहे हैं सत्तू ड्रिंक की।
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आज के समय में बढ़ता वजन और पेट की चर्बी बहुत आम समस्या बन चुकी है। जिम जाना, डाइट फॉलो करना और एक्सरसाइज़ करना सब जरूरी है, लेकिन अगर आपकी डाइट सही नहीं है, तो वजन घटाना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में सबसे आसान और सुरक्षित तरीका है – कम कैलोरी वाले फल को अपनी डेली डाइट में शामिल करना।
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आजकल बहुत से लोग थकान, हड्डियों में दर्द, जोड़ों की अकड़न या बार-बार बीमार पड़ने की शिकायत करते हैं। जब जाँच करवाई जाती है, तो अक्सर एक ही बात सामने आती है—विटामिन D3 की कमी। लेकिन सवाल यह है कि विटामिन D3 का नॉर्मल रेंज कितना होना चाहिए? और Vitamin D3 टेस्ट रिपोर्ट को कैसे समझें?
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सर्दियों के मौसम में बाजार में दिखने वाली लाल और ताजी गाजर सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाती, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है। भारत में गाजर का इस्तेमाल सलाद, जूस, सूप, सब्जी और गाजर के हलवे तक में किया जाता है। यही वजह है कि गाजर के फायदे हर उम्र के लोगों के लिए चर्चा का विषय बने रहते हैं।
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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मोटापा (Obesity) एक आम लेकिन गंभीर समस्या बन चुका है। गलत खान-पान, कम शारीरिक गतिविधि और तनाव भरी लाइफस्टाइल के कारण वजन तेजी से बढ़ रहा है। शुरुआत में यह सिर्फ “थोड़ा वजन बढ़ना” लगता है, लेकिन धीरे-धीरे यह कई बीमारियों का कारण बन सकता है।
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हम में से ज़्यादातर लोग तब ही शरीर का तापमान नापते हैं, जब बुखार या तबीयत खराब लगती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि सामान्य शरीर का तापमान वास्तव में कितना होता है?
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नींबू — छोटा सा पीला फल, लेकिन इसके अंदर छिपे हैं सेहत के अनगिनत राज़। भारत में शायद ही कोई रसोई ऐसी हो जहाँ नींबू न हो। चाहे खाने में स्वाद बढ़ाना हो, सर्दी-जुकाम भगाना हो, वजन घटाना हो या चेहरे पर चमक लानी हो — नींबू हर काम में असरदार साबित होता है।
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संक्रामक रोग या संचारी रोग (Sanchari Rog) ऐसी बीमारियाँ हैं जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक संक्रमण (Infection) के माध्यम से फैलती हैं। इन रोगों के मुख्य कारण वायरस (Virus), बैक्टीरिया (Bacteria), फंगस (Fungus) और परजीवी (Parasite) जैसे सूक्ष्मजीव हैं जो हमारी शरीर में घुसकर बीमारी उत्पन्न कर देते हैं।
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हम जो खाना खाते हैं, वही हमारे स्वास्थ्य की नींव तय करता है। अगर भोजन संतुलित हो तो शरीर मज़बूत रहता है और बीमारियाँ पास नहीं आतीं। लेकिन जब पाचन तंत्र (digestive system) गड़बड़ हो जाए, तो कब्ज, गैस, एसिडिटी और अपच जैसी समस्याएँ शुरू हो जाती हैं।
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