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रागी के फायदे: कैल्शियम से भरपूर सुपरफूड क्यों है?

रागी में कैल्शियम के फायदे रागी में कैल्शियम के फायदे
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By Dr. Abhishek Choudhury in Dietetics & Nutrition

Jun 30, 2026

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हड्डियों की कमजोरी, कैल्शियम की कमी, जोड़ों का दर्द और कम उम्र में ही हड्डियों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि बच्चे, महिलाएं और युवा भी इन समस्याओं का सामना कर रहे हैं। अक्सर लोग कैल्शियम की पूर्ति के लिए केवल दूध पर निर्भर रहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक ऐसा भारतीय अनाज भी है जो प्राकृतिक रूप से कैल्शियम से भरपूर होता है? वह है रागी (Finger Millet)

रागी को भारत के सबसे पौष्टिक मिलेट्स में से एक माना जाता है। इसमें मौजूद कैल्शियम, आयरन, फाइबर, प्रोटीन और कई आवश्यक मिनरल्स इसे एक बेहतरीन सुपरफूड बनाते हैं। यदि आप प्राकृतिक कैल्शियम का स्रोत, मजबूत हड्डियों के लिए रागी, या कैल्शियम युक्त अनाज की तलाश कर रहे हैं, तो रागी आपकी डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।

इस लेख में हम जानेंगे कि रागी में कैल्शियम के फायदे, रागी में कितना कैल्शियम होता है, इसे किसे खाना चाहिए, और इसे अपनी डाइट में शामिल करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है।

क्या आपकी डाइट में कैल्शियम की कमी है? पहले इन संकेतों को पहचानें

कैल्शियम केवल हड्डियों और दांतों के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह मांसपेशियों, नसों और हृदय के सामान्य कार्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यदि शरीर में लंबे समय तक कैल्शियम की कमी बनी रहे, तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

इन लक्षणों पर ध्यान दें

  • बार-बार हड्डियों या जोड़ों में दर्द होना
  • दांत कमजोर होना या जल्दी खराब होना
  • मांसपेशियों में ऐंठन आना
  • बार-बार फ्रैक्चर होना
  • हाथ-पैरों में झुनझुनी महसूस होना
  • जल्दी थकान महसूस होना
  • बच्चों में हड्डियों का धीमा विकास
  • उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का कमजोर होना

यदि आपको इनमें से एक या अधिक लक्षण लगातार महसूस हो रहे हैं, तो केवल सप्लीमेंट लेने के बजाय अपने खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। कैल्शियम बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ, जैसे रागी, संतुलित आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं।

रागी क्या है और इसे सुपरफूड क्यों कहा जाता है?

रागी, जिसे अंग्रेजी में Finger Millet कहा जाता है, भारत में सदियों से खाया जाने वाला एक पौष्टिक मोटा अनाज (Millet) है। यह खासतौर पर दक्षिण भारत, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड और कई अन्य राज्यों में पारंपरिक भोजन का हिस्सा रहा है।

आज के समय में रागी को सुपरफूड इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें कई ऐसे पोषक तत्व मौजूद हैं जो संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। खास बात यह है कि रागी कैल्शियम का स्रोत होने के साथ-साथ फाइबर और आयरन से भी भरपूर होती है।

रागी का पोषण मूल्य (100 ग्राम कच्ची रागी में लगभग)

पोषक तत्व

मात्रा (लगभग)

कैल्शियम

344 mg

प्रोटीन

7.3 g

फाइबर

11 g

आयरन

3.9 mg

मैग्नीशियम

137 mg

पोटैशियम

408 mg

इसी पोषण प्रोफाइल की वजह से रागी के स्वास्थ्य लाभ केवल हड्डियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह संपूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद मानी जाती है।

रागी में कितना कैल्शियम होता है?

जब बात कैल्शियम युक्त अनाज की आती है, तो रागी सबसे आगे गिनी जाती है। लगभग 100 ग्राम रागी में 344 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है, जो कई सामान्य अनाजों की तुलना में काफी अधिक है।

हालांकि, यह समझना भी जरूरी है कि केवल कैल्शियम खाना ही पर्याप्त नहीं है। शरीर में कैल्शियम का सही उपयोग करने के लिए विटामिन D भी जरूरी होता है। यदि शरीर में विटामिन D की कमी है, तो कैल्शियम का अवशोषण (Absorption) प्रभावित हो सकता है।

विशेषज्ञ सलाह: यदि आप अपनी हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो रागी के साथ पर्याप्त धूप, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम भी अपनाएं।

रागी में कैल्शियम के फायदे

1. हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद

मजबूत हड्डियों के लिए रागी सबसे अच्छे प्राकृतिक विकल्पों में से एक मानी जाती है। इसमें मौजूद कैल्शियम हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में सहायता करता है और उम्र बढ़ने के साथ होने वाली बोन लॉस की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद कर सकता है।

यदि आपकी डाइट में लंबे समय से कैल्शियम की कमी है, तो संतुलित भोजन के हिस्से के रूप में रागी को शामिल करना उपयोगी हो सकता है।

2. ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करने में सहायक

उम्र बढ़ने के साथ विशेषकर महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें हड्डियां कमजोर और भुरभुरी होने लगती हैं।

महिलाओं के लिए रागी एक अच्छा विकल्प हो सकती है क्योंकि इसमें प्राकृतिक रूप से कैल्शियम मौजूद होता है। हालांकि यदि किसी व्यक्ति को पहले से ऑस्टियोपोरोसिस है, तो केवल रागी पर्याप्त नहीं है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार और संतुलित आहार दोनों जरूरी होते हैं।

3. दांतों को मजबूत बनाए रखने में सहायक

कैल्शियम केवल हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि दांतों के स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। पर्याप्त कैल्शियम लेने से दांतों की संरचना मजबूत बनी रहती है और लंबे समय तक उनकी सेहत बेहतर रहने में मदद मिलती है।

4. बच्चों की हड्डियों के विकास में उपयोगी

बढ़ते बच्चों को पर्याप्त कैल्शियम की जरूरत होती है क्योंकि इसी समय उनकी हड्डियां तेजी से विकसित होती हैं।

बच्चों के लिए रागी दलिया, पोरिज, इडली या डोसा के रूप में दी जा सकती है। इससे उन्हें कैल्शियम के साथ-साथ फाइबर और अन्य पोषक तत्व भी मिलते हैं।

ध्यान रखें कि छोटे बच्चों को रागी देने से पहले उनकी उम्र और पोषण संबंधी जरूरतों के अनुसार बाल रोग विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होता है।

5. गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान पोषण

गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान महिलाओं को सामान्य से अधिक कैल्शियम की आवश्यकता होती है।

गर्भावस्था में रागी संतुलित आहार का हिस्सा बन सकती है क्योंकि इसमें कैल्शियम के अलावा आयरन और फाइबर भी मौजूद होते हैं। हालांकि किसी भी विशेष डाइट को अपनाने से पहले अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ या डाइटीशियन से सलाह लेना उचित रहता है।

6. बढ़ती उम्र में हड्डियों की कमजोरी कम करने में मदद

उम्र बढ़ने के साथ शरीर में बोन डेंसिटी कम होने लगती है। ऐसे में बुजुर्गों के लिए रागी संतुलित भोजन का अच्छा हिस्सा हो सकती है।

यदि नियमित व्यायाम, पर्याप्त विटामिन D और कैल्शियम युक्त आहार साथ में लिया जाए, तो हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

7. मांसपेशियों और नसों के सामान्य कार्य में सहयोग

कैल्शियम मांसपेशियों के संकुचन और नसों के सामान्य कार्य के लिए भी जरूरी है। इसलिए पर्याप्त कैल्शियम वाला आहार शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

8. फिटनेस और एक्टिव लाइफस्टाइल अपनाने वालों के लिए उपयोगी

यदि आप नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, दौड़ते हैं या खेल-कूद में सक्रिय हैं, तो शरीर को मजबूत हड्डियों और मांसपेशियों की आवश्यकता होती है।

ऐसे लोगों के लिए रागी का सेवन पौष्टिक भोजन का हिस्सा बन सकता है क्योंकि यह ऊर्जा देने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी उपलब्ध कराती है।

किन लोगों को अपनी डाइट में रागी जरूर शामिल करनी चाहिए?

हर व्यक्ति की पोषण संबंधी जरूरत अलग होती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए रागी विशेष रूप से फायदेमंद हो सकती है।

  • जिन बच्चों की हड्डियों का विकास हो रहा है।
  • किशोरावस्था में बढ़ रहे बच्चे।
  • 40 वर्ष से अधिक आयु के लोग।
  • रजोनिवृत्ति (Menopause) के बाद की महिलाएं।
  • गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
  • नियमित व्यायाम करने वाले लोग।
  • शाकाहारी लोग जिन्हें पर्याप्त कैल्शियम नहीं मिल पाता।
  • लैक्टोज इन्टॉलरेंस वाले लोग, जो दूध नहीं पी सकते।
  • जिन लोगों को डॉक्टर ने कैल्शियम युक्त भोजन लेने की सलाह दी है।

रागी खाने का सही तरीका

यदि आप रागी खाने के फायदे का पूरा लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसे अपनी रोजमर्रा की डाइट में अलग-अलग तरीकों से शामिल कर सकते हैं।

आप इन विकल्पों को आजमा सकते हैं

  • रागी की रोटी
  • रागी का दलिया
  • रागी डोसा
  • रागी इडली
  • रागी चीला
  • रागी पोरिज
  • रागी खिचड़ी
  • रागी माल्ट
  • रागी लड्डू (सीमित मात्रा में)

सुबह के नाश्ते में रागी का सेवन दिनभर ऊर्जा देने में मदद कर सकता है। वहीं व्यायाम के बाद इसे संतुलित भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। यदि पहली बार रागी खा रहे हैं, तो कम मात्रा से शुरुआत करें और धीरे-धीरे इसे नियमित आहार में शामिल करें।

रोज़ कितनी रागी खानी चाहिए?

रागी का सेवन हर व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और पोषण संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर खाना सबसे बेहतर माना जाता है।

आयु वर्ग

अनुशंसित मात्रा (लगभग)

1–3 वर्ष के बच्चे

15–20 ग्राम

4–12 वर्ष के बच्चे

20–30 ग्राम

किशोर एवं वयस्क

30–50 ग्राम

गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएं

30–50 ग्राम (डॉक्टर/डाइटीशियन की सलाह अनुसार)

बुजुर्ग

30–40 ग्राम

ध्यान दें: यदि आपको किडनी रोग, किडनी स्टोन, या कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, तो रागी को नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या क्लिनिकल डाइटीशियन से सलाह अवश्य लें।

रागी बनाम दूध: कैल्शियम के लिए कौन बेहतर?

जब प्राकृतिक कैल्शियम के स्रोत की बात आती है, तो लोग अक्सर दूध और रागी की तुलना करते हैं। दोनों ही पोषक हैं, लेकिन दोनों के अपने अलग-अलग फायदे हैं।

तुलना

रागी

दूध

कैल्शियम

बहुत अच्छी मात्रा

अच्छी मात्रा

प्रोटीन

मध्यम

अधिक

फाइबर

अधिक

नहीं के बराबर

लैक्टोज

नहीं

मौजूद

लैक्टोज इन्टॉलरेंस वालों के लिए

उपयुक्त

उपयुक्त नहीं

अन्य पोषक तत्व

आयरन, फाइबर, मैग्नीशियम

विटामिन B12, प्रोटीन

निष्कर्ष:
यदि आप दूध पी सकते हैं, तो दूध और रागी दोनों का संतुलित सेवन अधिक लाभदायक हो सकता है। वहीं, लैक्टोज इन्टॉलरेंस वाले लोगों के लिए रागी कैल्शियम का स्रोत बनने का एक अच्छा विकल्प है।

क्या रागी खाने के कोई नुकसान भी हो सकते हैं?

हालांकि रागी के स्वास्थ्य लाभ कई हैं, लेकिन किसी भी भोजन की तरह इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

1. अत्यधिक मात्रा में सेवन

बहुत अधिक मात्रा में रागी खाने से कुछ लोगों में पेट फूलना, गैस या पाचन संबंधी असुविधा हो सकती है, विशेष रूप से यदि फाइबर की मात्रा अचानक बढ़ा दी जाए।

2. किडनी स्टोन के मरीज

रागी में प्राकृतिक रूप से ऑक्सालेट मौजूद होता है। जिन लोगों को बार-बार किडनी स्टोन बनने की समस्या रहती है, उन्हें डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका नियमित सेवन करना चाहिए।

3. संतुलित आहार जरूरी है

केवल रागी खाने से शरीर की सभी पोषण संबंधी जरूरतें पूरी नहीं होतीं। इसलिए इसे दाल, दूध, हरी सब्जियों, फल और प्रोटीन युक्त भोजन के साथ लेना बेहतर होता है।

डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए?

यदि आपके शरीर में निम्नलिखित लक्षण लगातार बने रहते हैं, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहें।

  • बार-बार हड्डियां टूटना
  • लगातार हड्डियों या जोड़ों में दर्द
  • लंबे समय तक कैल्शियम की कमी
  • ऑस्टियोपोरोसिस का निदान
  • बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन
  • गर्भावस्था के दौरान पोषण संबंधी चिंता
  • बच्चों की लंबाई या हड्डियों के विकास को लेकर चिंता
  • किडनी रोग या बार-बार किडनी स्टोन की समस्या

डॉक्टर आवश्यक होने पर रक्त जांच, विटामिन D की जांच या बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) टेस्ट की सलाह दे सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • 100 ग्राम रागी में लगभग 344 mg कैल्शियम पाया जाता है।
  • रागी कैल्शियम के साथ-साथ आयरन, फाइबर, मैग्नीशियम और प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत है।
  • बच्चों, महिलाओं, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए रागी संतुलित आहार का उपयोगी हिस्सा हो सकती है।
  • लैक्टोज इन्टॉलरेंस वाले लोगों के लिए रागी कैल्शियम प्राप्त करने का एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
  • शरीर में कैल्शियम के बेहतर उपयोग के लिए पर्याप्त विटामिन D और नियमित शारीरिक गतिविधि भी आवश्यक है।

निष्कर्ष

यदि आप मजबूत हड्डियों के लिए रागी, कैल्शियम युक्त अनाज, या प्राकृतिक कैल्शियम का स्रोत खोज रहे हैं, तो रागी आपकी डाइट का एक बेहतरीन हिस्सा बन सकती है। इसमें मौजूद कैल्शियम, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्व इसे एक संपूर्ण पौष्टिक अनाज बनाते हैं।

हालांकि, यह समझना जरूरी है कि स्वस्थ हड्डियों के लिए केवल रागी खाना ही पर्याप्त नहीं है। संतुलित आहार, पर्याप्त विटामिन D, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।

यदि आपको लंबे समय से कैल्शियम की कमी, ऑस्टियोपोरोसिस, या हड्डियों से जुड़ी कोई गंभीर समस्या है, तो सही जांच और उपचार के लिए डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।

FAQs

रागी में कितना कैल्शियम होता है?

लगभग 100 ग्राम रागी में 344 मिलीग्राम कैल्शियम पाया जाता है। यह इसे कैल्शियम से भरपूर अनाजों में शामिल करता है।

क्या रागी खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं?

रागी में मौजूद कैल्शियम हड्डियों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करता है। बेहतर परिणाम के लिए इसे संतुलित आहार, पर्याप्त विटामिन D और नियमित व्यायाम के साथ लेना चाहिए।

क्या रागी बच्चों के लिए अच्छी है?

हाँ, बच्चों के लिए रागी एक पौष्टिक विकल्प हो सकती है क्योंकि इसमें कैल्शियम, आयरन और फाइबर जैसे पोषक तत्व होते हैं। इसे उम्र के अनुसार और डॉक्टर की सलाह से आहार में शामिल करें।

क्या गर्भवती महिलाएं रोज़ रागी खा सकती हैं?

रागी गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है। हालांकि इसकी मात्रा और सेवन का तरीका डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार तय करना बेहतर है।

रोज़ कितनी रागी खाना सही है?

अधिकांश स्वस्थ वयस्कों के लिए 30–50 ग्राम रागी प्रतिदिन संतुलित आहार का हिस्सा हो सकती है। व्यक्तिगत जरूरतें अलग-अलग हो सकती हैं।

क्या रागी दूध का विकल्प है?

रागी कैल्शियम का अच्छा स्रोत है, लेकिन यह दूध का पूर्ण विकल्प नहीं है। दोनों के पोषक तत्व अलग-अलग हैं और दोनों का संतुलित सेवन अधिक लाभदायक हो सकता है।

क्या रागी ऑस्टियोपोरोसिस में फायदेमंद है?

रागी में मौजूद कैल्शियम हड्डियों के स्वास्थ्य को समर्थन देता है, लेकिन ऑस्टियोपोरोसिस का इलाज केवल रागी से संभव नहीं है। उचित उपचार और चिकित्सकीय सलाह आवश्यक है।

क्या रोज़ रागी खाना सुरक्षित है?

हाँ, संतुलित मात्रा में रोज़ रागी खाना अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है। यदि कोई पुरानी बीमारी है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

क्या रागी के कोई नुकसान भी हैं?

अधिक मात्रा में रागी खाने से कुछ लोगों को पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। किडनी स्टोन के मरीजों को इसका सेवन चिकित्सकीय सलाह के बाद करना चाहिए।

कैल्शियम की कमी दूर करने के लिए रागी कैसे खाएं?

आप रागी की रोटी, रागी का दलिया, रागी डोसा, रागी इडली या रागी माल्ट के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं। साथ ही विटामिन D, प्रोटीन और संतुलित आहार का भी ध्यान रखें।

Abhishek Choudhury
Content Written & Approved by
Dr. Abhishek Choudhury
Senior Consultant - INTERNAL MEDICINE

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